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मैं और ख़्वाब

मैं देख रहा हूँ खिड़की से लटकते
इन सारे अधूरे अजनबी ख़्वाबों को,
ये सपने जो कभी मेरे नहीं रहे
ये लोग जिन्हें मैंने कभी नहीं देखा,
अचानक से किसी रोज़ आएँगे मेरे शहर
और माँगेगे अपनी हक़ीक़त के सवालों के जवाब;
मैं रहूँगा उसी तरह ख़ामोश
जिस तरह अपने ख़्वाब के खोने पर हो जाता हूँ,
तब मैं याद करुँगा वो सारे क़िस्से,
जो ख़्वाब को फिर देखने के लिए
सुनाए थे मैंने ख़ुद को पास बैठाकर।मैं नहीं जानता
कि कोई क्या चाहता है मुझसे,
मैं जानता हूँ केवल इतना ही
कि ढूँढ लेगी मेरी राहें
हर उस पल को,
हर उस शख़्स को,
जहाँ तक मुझे पहुँचना लिखा है।
                                      - कमलेश

हमारा प्रेम में होना

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रास्तों के पड़ाव ज़िन्दगी के मायने समझाते हैं और मैं हमेशा से ऐसे पड़ावों की तलाश में रहा। तुम आयी मेरी राहों के लिए एक ऐसा ही पड़ाव बनकर जिसने मुझे थाम लिया अपने सारे रंगों और खुशबुओं के साथ। तुम्हारा साथ रहना मुझे एक नएपन के एहसास से भर देता है। जब तुम थामती हो मेरा हाथ तो मैं अपने आप को गंगा में खड़ा हुआ महसूस करता हूँ। मैं नहीं जानता कि हम कब तक इस तरह शहर के कोनों में मिलते रहेंगे लेकिन इतना यक़ीन ज़रूर है कि हमारे मिलने में प्रेम और विश्वास की खुशबू हर वक़्त आती रहेगी। तुम्हारा सवाल करना मुझे तुरंत सारे आसमानों से ज़मीन पर ले आता है, जब तुम खिलकर अपना ख़्वाब पूरा कर लेती हो तो लगता है कि मोक्ष का मज़ा फीका पड़ जाएगा।
       तुम्हारे दाहिने चलते रहने पर हवाओं ने मुझे महसूस करवाया कि हम कितने कीमती हैं एक दूसरे के लिए! ज़िन्दगी की उम्र तो नहीं पता लेकिन इसके रहने न रहने पर हम एक दूसरे को जीते रहेंगे इतना ज़रूर जानते हैं। जब तुम हँसती हो तो दिल करता है कि पहाड़ों में बर्फ़ गिरने लगे और मैं तुम्हारे साथ उसको निहारता रहूँ। जब जब तुम अपने गले से मुझको लगा लेती हो मेरे जवाबों की धुंध में तो ऐसा लगता है…