संदेश

ज़रूरी बातें लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कार्य

   "वह नास्तिक है जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता |”                                                                 -- स्वामी विवेकानंद विचारों की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनकर, आसपास के वातावरण को सुनकर और उसका  अवलोकन  करने के बाद हम अच्छी तरह चीजों के  दोहराव  तथा उनका  आकलन करके उनसे ज्यादा प्रभावी तरीके से सीख सकते हैं | किसी विचार के तथ्यों को सुनकर, उसके महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर हमें अपने काम करने की प्रणाली को बहुत ही सुदृढ़ रखना होता है अगर हम सही मायनों में काम से लगाव रखते हैं | काम की शुरुआत से पहले हमारा उससे जुड़े सारे पहलुओं से अवगत होना अत्यंत आवश्यक है कि किस तरह वो हमारे काम को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं और किस प्रकार उनसे निपटा जाना चाहिए, जोकि बाद में हमें बाकि हिस्सों के निर्धारण में सहायता प्रदान करता है; इस प्रक्रिया को अंग्रेजी में  डिज़ाइन...