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कर्नाटक एक्सप्रेस -

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कई बार किसी से मिलकर ऐसा लगता है कि उससे पहले कहीं मिला जा चूका है लेकिन उसकी याद ताज़ा नहीं हो पाती. ज़िन्दगी ऐसे अनगिनत चेहरे भेजती है जिन्हें हम भूलचूक में पहचानने की कोशिशें करते हैं लेकिन सब कुछ व्यर्थ ही होता है. ऐसे ही किसी एक दिन मैं उससे मिला था उसका नाम तो मुझे याद नहीं उसकी प्रेमिका का नाम मुझे याद रह गया. ऐसा माना जाता है कि हम इंसानों को जानकारी और नामों से ज्यादा कहानियाँ याद रहती है और मेरे साथ भी यही हुआ था. मन्दाकिनी, कितना प्यारा नाम है! ऐसा लगता है कोई उत्तराखंड के पहाड़ों पर बैठा पुकार रहा है. यही नाम था उस लड़की का, जिस लड़के की वह प्रेमिका थी. मैं उससे एक रात कर्नाटक एक्सप्रेस में सफ़र करते हुए मिला था. वह लड़का किताबों का शौकीन है और उसे इस बात का नशा है कि ज़िन्दगी एक हसीं ख़्वाब है जिसे देखने के लिए छककर सोया जाना ज़रूरी है और उठकर ख़्वाब की हक़ीकत के लिए मेहनत करना भी. मैं नहीं जानता कि वो कहाँ जाना चाहता है अपनी ज़िन्दगी में लेकिन उसने बताया था कि कुछ सालों के बाद उसे अपनी प्रेमिका से शादी करनी है. जब मैंने यह सुना था तब मैंने उसकी हिम्मत की दाद दी थी यह सोचकर कि उसे अपन…

बहुत दिनों के बाद

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"उसकी नींद दरवाजे पर किसी की दस्तक की वजह से टूटी, उसने बिस्तर से ही पूछा लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उसने उठकर दरवाजा खोला और पाया कि बाहर कोई नहीं था. कितनी ही बार दिल में ख़यालों की दस्तक से हम जाग पड़ते हैं इस उम्मीद में कि कोई ख़्वाब हक़ीकत बनकर दरवाजे आ गया है. दरवाजे और दिल की दस्तक में कितना अंतर है यह सुनने पर ही जाना जा सकता है. कुछ देर अँधेरे में भटकने के बाद उसने कमरे की बत्ती जलाई और हाल ही में आई एक किताब को पढ़ने बैठ गया. बड़े दिनों बाद उसने सुबह उठकर किताब को हाथ में लिया था, कुछ देर में ही वह किताब में घुल गया. अचानक हुए शोर से उसका ध्यान टुटा जो सामने वाली गली से आ रहा था उसने सोचा कि रोज़ की तरह लोग पानी भरने के लिए झगड़ रहे होंगे और बालकनी तक जा लौट आया. लौटकर आने पर उसे लगा की कमरे में कुछ बदल गया है जो उसके जाने से पहले वहाँ नहीं था. अक्सर ऐसा होता है कि कुछ कैद करने के जुनूं में कुछ महसूस करना छुट जाता है और इसके साथ भी यही हुआ. जिस कमरे में वह इतने दिनों से रह रहा था उसकी सोहबत को ही महसूसना भूल गया था..." यह एक अधूरा किस्सा है जिसे लिखने की नाकाम कोशिश इस समय …