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कहानी ( सामान्य से शून्य )

सुबह के चार बजे शशांक बिस्तर से निकलकर छत पर जाकर टहलने लगा, वह शायद किसी सपने से जाग गया था ऐसा उसकी आँखों को देखने पर अनुमान लगाया जा सकता था | पूरी रात बिस्तर पर माहौल से अनभि...