खोज
कोई नहीं देख पाता सालों तक कि वह क्या ढूंढ रहा है, मैंने पाया तुम्हें तो जान पाया कि मैं तुम्हारी हकीक़त का पीछा कर रहा था। तुम दिखती हो बोधिवृक्ष सी जिसके तले पहुँचकर मैं बुद...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।