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किस्सा -२ -- बगावती जोड़ा

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वह चौराहे से अभी अभी लौटा था और यह एक घंटे में दूसरी बार हुआ था , शायद उसे किसी का इंतज़ार था ! उसकी आँखें किसी को खोज रही थी , किसे !   यह लेकिन वही जानता है और वैसे भी इस दुनिया में कौन किसे जान पाया है आज तक ? वह कमरे में आया और उसने तकिये के क़रीब रखी किताब को फिर से पढ़ने में लग गया . किताब में सिर खपाते खपाते उसे झपकी लग गई . कुछ देर बार कोई उस कमरे में दाखिल हुआ और उसका नाम पुकारा . उसने अनमने मन से आँखें खोलीं और कमरे में आये शख्स को बिस्तर में खींचकर उससे लिपट गया . यह शायद उसकी प्रेमिका थी ! वैसे   इस रिश्ते का कोई एक नाम तो है नहीं और   इन दोनों को समाज के बनाये कायदों से लड़ना ज्यादा पसंद है . - कमलेश 

किस्सा -१ -- अंतहीन यात्रा

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ट्रेन के ब्रेक अचानक लगने से उसकी नींद खुली, शायद कहीं बियाबान में रुकी थी कोई जानवर रहा होगा. हो भी क्यूँ न! आजकल हर कोई बस जानवरों सा ही दीखता है और व्यवहार करता है. उसने उठकर अपनी घड़ी देखी, स्टेशन आने में अभी २० मिनट बचे थे. थोड़ी देर बगल में झाँकने के बाद उसे लगा कि उसका सिर दर्द से फटा जा रहा है, लेकिन उसे कोई उपाय नहीं सुझा; सूझता भी क्या उसे बस यात्रा के ख़त्म होने का इंतज़ार था, लेकिन यात्रा तो बस बगैर उसके एहसासों की परवाह किये चली जा रही है. कौन जाने, यह कब और कहाँ ख़त्म होगी! - कमलेश 

जब हमारे आसपास संकट हो तब जीवन कैसा दिखता है?

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Source- globalsharingweek.org हम अक्सर शिकायत करते हैं कि हम अपने करीबी लोगों और स्वयं के लिए समय नहीं दे पाने का कारण हमारे कामों की फ़ेहरिस्त का लम्बा होना है. लेकिन अब, हम अपने परिवार के साथ हैं, पक्षियों के चहचहाहट के साथ जागते हैं और ऑफिस के लिए तैयारी करने के जैसा कुछ भी नहीं है। इसके अलावा भी, समय पर घर लौटने, ट्रैफिक-जाम का सामना करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए चीजों को अलग रखने के लिए घबराने की ज़रूरत नहीं बची है। इन सभी गहरी इच्छाओं की पूर्ति का समय मिलने के बावजूद, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि हम में से कई तनावग्रस्त हैं और इसे मैनेज करने के लिए काउंसलर तक खोज रहे हैं, लेकिन हम ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्या जिस तरह से हम महसूस करते हैं, बोलते हैं और काम करते हैं उसके बीच एक बड़ा अंतर है?      हमने कभी नहीं सोचा था कि इस तरह का जीवन भी हमारे हिस्से में होगा। हम अपने माता-पिता, भाई-बहनों, बच्चों और परिवार के सदस्यों के साथ पूरे पूरे दिन और रात बिता रहे हैं और साथ ही घर से ही अपने काम को अच्छे से मैनेज भी कर रहे हैं। और साथ में दुनिया के हर कोने से ...

एक एहसास

बरसात के पहले और बाद धूप का होना एक सा नहीं होता, तेरा आना तेरी याद के बाद और फिर से लौट जाना, लेकिन एक सा ही लगता है । उड़ते रहना किसी पक्षी का खुले आसमान में बादलों के बीच, आज़ा...

अंतर और समानताएं

किन्हीं दो चीजों में अंतर का ना होना, उनको कभी भी समान नहीं बना पाया । ठीक उसी प्रकार कि जैसे किसी दो चीज़ों के समान होने पर भी, उनमें खोज लिया गया कोई एक अंतर । इतनी अनेकताएं ह...