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पसंद और इश्क़

पसंद होना ना होना दोनों जायज़ है, जैन-दर्शन के स्यादवाद की तरहा ही पसंद भी कुछ पूरी कुछ आधी सब की ज़िन्दगी में ज़रूर होती है । पसंद में एक-ही वक़्त पर अपनी ख्वाहिश को बताया और छुपा...

अच्छा लगता है मुझे

तेरा मुस्कुराना मेरी बातों पे, नज़रें फेर लेना मेरे इशारों पे, झुका लेना गर्दन मेरे सवालों पे, अच्छा लगता है मुझे । तेरा खामोश हो जाना फ़ोन पर, मायूस हो जाना बिछड़ने पर, शरमा जान...