पाँच कवितायें
1. हिंदी - वर्तमान समय में मातृभाषा हिंदी के हालात को देखते हुए, ऐसा लगता है कि हमारी भाषा को अब एक अदरक वाली, कड़क चाय की ज़रूरत है । 2. तीन, दो, पाँच - पिछले ...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।