संदेश

इश्क़ लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

-- नोट्स ::

- मैं उम्र भर तुम्हारा इंतज़ार कर सकता हूं । - उसकी कोई ज़रूरत नहीं है । - मैंने कोई वादा तो नहीं किया तुमसे । - मुझे कोई वादा चाहिए भी नहीं । वादा इंतज़ार से कोई सरोकार नहीं रखता, ...

इबादत

बेवक़्त की बारिश ने आज सारे ज़ख्मों को धोया, बदलियाँ स्वागत में जुटी है, हवाओं ने अभी अभी एक ख़त पहुँचाया, जिसे आसमान ने चीख-चीखकर पढ़ा, ख़बर है कि तुम आने वाले हो । इतनी जल्दी भी क्या है वैसे ? मुझे तसल्ली से नशा करने दो इस जवान होते इश्क़ का, देख लेने दो जी भरकर इंतज़ार में तड़पते रिश्ते को, जान लेने दो मुझको ख़्वाबों में छिपे सब राज़ । खोद लेने दो एक खूबसुरत कब्र प्रेम में मौत के बाद, सुकून से दफ़न होने के लिए । तुम्हें पसंद है हवाओं की सादगी, और मुझे मोहब्बत है बेगानेपन से; तुम्हारी हसरत है बाद बारिश के साथ मेरे शामें गुज़ारने की, मैं चाहता हूँ कि आसमां रोता रहे उम्रभर ज़मीन से अपने इश्क़ में । कितनी अजीब है हमारी इबादत की तरकीबें ? तुम सवेरे-सवेरे खोजती हो घर में पूजा का कोना, मैं सुबह इबादत की बजाय तुम्हारे साथ चाय पीना चाहता हूँ ।                                   -- कमलेश