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सब का मैं

चंद हफ़्तों से मेरी नींद ख़ुद टूटने की आदी हो गयी है, कुछ ख़यालों को मेरे कान सुनते हैं जो कभी मेरे नहीं रहे, फिर भी उनकी खनखनाहट सुनता हूँ मैं जैसे किसी बच्चे की भूखी आवाज़ में, खन...