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एहसासों का संग्रह

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  Source - Pinterest  * समन्दर के पानी के बेशुमार खारेपन के बावजूद,    मीठी नदी वंहा जाने के लिए हर चट्टान तोडती है | * तुम्हारी आँखों से नींद का छलकना सबूत है,    के तुमने रात भर हमारे ही ख्वाब संजोये है | * बहुत शोर है गलियों में के मुझे मिटा देंगे,    लेकिन मेरा वजूद तो सिर्फ तेरे होने से है | * मेरा खुदा रूठा हुआ लगता है आजकल,    शायद किसी ने उसे रिश्वत नहीं दी है | * अदा तुम्हारी आँखों की भाती नहीं है मुझको,    मेरी आँखों से मिलते ही झुक जाया करती है | * तुझे याद करते करते थक जाना   रातो को जागते जागते थक जाना   ग़ज़लों को लिखते लिखते थक जाना   फिर उनको पढ़ते हुए थक जाना | * यंहा सब नैतिकता और धर्म के ठेकेदार बैठे हैं   कुर्सी के नशे में चूर हमारे पहरेदार बैठे हैं   इन्हें इनकी हकीक़त बताओ हिन्दोस्तान वालो   हमारे वोट पे जीने वाले ये किरायेदार बैठे है | * सुनो दुल्हन घूँघट ज़रा ज्या...

शेर - ओ'- शायरी

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Source - WallpaperBrowse * अपनी नजदीकियों का सोमरस घोल दे मुझमें,    के अब दूरियों का हलाहल पिया नहीं जाता | * बनाकर चश्मे के लेन्स को दिवार घूमता हूँ,    डर है लोग आँखों में तेरी सूरत न देख ले | * उन हजारो ख्वाहिशों का गुनेहगार हूँ मैं,    जिनका क़त्ल तेरी गैरमौजूदगी में किया है | *. जिंदगी में रोशनी के लिए उजाले की ज़रुरत नही,    अपने प्रेम का दिया जला दो इतना ही काफी है | * दर्द बढाने की चाहत है मेरी,    इस उम्मीद में की दर्द कम हो जाये | * बातो से बातो की बात करते हुए,    कुछ बातचीत अधूरी रहे तो अच्छा है | * जो मेरी राहो में कांटे बिछाने का शौक रखते है,    दुआ करता हूँ उनकी राहो में फूलो की बारिश हो | * एहसास होने लगा है मुझको एक नया,    के तू मेरी याद में पलकें भिगोने लगी है | * तुम पर चार मिसरें लिखना थी मुझे,    ये ग़ालिब की नज़्म पड़कर याद आया |                   ...

शायरी संग्रह

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 Source-webneel.com  आज फैसला हो ही जाऐ राधा श्याम को ढूंढने के लिए निकलती है और मै तुझको आखिर राज क्या है? सुना है खुदा की इबादत से बड़ा कोई इश्क नही लेकिन लगता है इश्क से बड़ी कोई इबादत नही । यह हकीकत है या कोहरा छाया हुआ है चश्मा उतारते ही सब कुछ धुँधला हो गया है । लगता है मेरी राते गुम हो गई शायद शाम ढलने के बाद सवेरा हो जाता है । मेरे दिल की हालत मोदी सरकार जैसी हो गई है हर रोज एक नई आरजू सामने आ जाती है । राहें भी कुछ अजनबीपन लिए हुए है, पता नही के मंजिल मिलेगी भी या नही । लगता है कि मैं आजकल बिजी रहने लगा हूँ, शायद तुझको याद करने से फुरसत नही है । ना हो मायूस मेरे दिल के मालिक, के मुलाकात जल्द ही होने वाली है । आँख बंद होने पर भी वो दिखती है और खुलने पर भी, समझ मे नही आता कि जागता रहूँ या सो जाऊँ । इस बार फिर उससे मुलाकात हुई मेरी, लगा के खुदा की इबादत कर ली हो ।                           ...

प्रेम पंक्तिया

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 उतारा है जब से किसी ने खंजर दिल में इश्क का,           तब से बदलकर मैं फूलों का गुलदस्ता हो गया हूँ ।  अब और इंतजार नही कर पाता हूँ मैं,           शायद तेरे आने का वक्त हो गया है ।  अब और कोई नशा हो ना सके,           के तुझ-सी मोहब्बत हो ना सके ।  अकेला ही था मैं इतने अरसे से,           ठहरा जो तुझपे तो मसला बन गया ।  इस पार रहना मेरा मुनासिब रहेगा,           उस ओर आया तो शोर हो जाएगा ।  तेरे इश्क में हुई नासमझी ने,           सारी जिंदगी कोे समझा दिया ।  मत सोच मुझे इतनी गहराई से,          के तुझे देखने की हसरत हो जाए:          जमाना रह जाए इसी मोड़ पर,           हमें फिर तुझसे म...