सब का मैं
चंद हफ़्तों से मेरी नींद ख़ुद टूटने की आदी हो गयी है, कुछ ख़यालों को मेरे कान सुनते हैं जो कभी मेरे नहीं रहे, फिर भी उनकी खनखनाहट सुनता हूँ मैं जैसे किसी बच्चे की भूखी आवाज़ में, खन...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।