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किस्सा -२ -- बगावती जोड़ा

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वह चौराहे से अभी अभी लौटा था और यह एक घंटे में दूसरी बार हुआ था , शायद उसे किसी का इंतज़ार था ! उसकी आँखें किसी को खोज रही थी , किसे !   यह लेकिन वही जानता है और वैसे भी इस दुनिया में कौन किसे जान पाया है आज तक ? वह कमरे में आया और उसने तकिये के क़रीब रखी किताब को फिर से पढ़ने में लग गया . किताब में सिर खपाते खपाते उसे झपकी लग गई . कुछ देर बार कोई उस कमरे में दाखिल हुआ और उसका नाम पुकारा . उसने अनमने मन से आँखें खोलीं और कमरे में आये शख्स को बिस्तर में खींचकर उससे लिपट गया . यह शायद उसकी प्रेमिका थी ! वैसे   इस रिश्ते का कोई एक नाम तो है नहीं और   इन दोनों को समाज के बनाये कायदों से लड़ना ज्यादा पसंद है . - कमलेश 

आख़िरकार अगस्त को आज़ादी मिली

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Source - Unsplash.com अ गस्त की बारिशें सुकून और तड़प साथ लेकर आती हैं और उन्हीं के साथ आये ढेर सारे किस्सों और पुरानी यादों के संदूक में लिपटी तस्वीरें और लम्हें किसी भी नामामूली इंसान को झकझोर कर रख देने के लिए काफी होते हैं। ठीक इसी तरह कृति को विष्णु का कॉल आया जब वह अपनी ख़्वाहिशों की रंगत भरी दुनिया में ऐसी ही अगस्त की बारिश में भीगकर बैठी हुई कुछ यादें ताज़ा कर रही थी। विष्णु से मुलाक़ात तो केवल दो महीने पुरानी थी लेकिन उससे बात करते समय कृति को ऐसा लगता था कि वह न जाने कितने समय से उसे जानती है उससे बातें करती है और उसके लिए दुआएं करती रहती है। अपने घर की छत पर बने कमरे में कभी न समाने वाले ऐसे कितने ही ख़याल कृति के दिल में जन्मते और फिर कहीं टोह पाकर छुप जाते। कृति को 6 अगस्त की रात एक ईमेल मिला और उसे तुरत फुरत दिल्ली के लिए अपना साजो सामान समेट कर निकल जाना पड़ा , ताकि वह अपना आने वाला एक साल ढेर सारी दोस्तियों , कई बातों और नई मुश्किलों के साथ गुज़ार सके।           कृति दिल्ली आयी तो उसे यहाँ के आसमान में बादल दिखाई दिए जो शायद...

नाश्ते की टेबल

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Source - Wallpaperflare.com ए क लड़का अपनी थोड़ी सहमी और थोड़ी उत्सुक शक्ल लिए नाश्ते की टेबल पर बैठा हुआ था। कुछ नए चेहरों को उसने ख़ुशी से देखा और उनकी ओर पहचान बढ़ाने के लिए उठकर चल दिया। कुछ ही समय बाद नाश्ते की टेबल पर हँसी का ठहाका गूँज गया , नए मिले दोस्तों के साथ अब बातों ने ठिठोली की राह पकड़ ली थी। नाश्ते के बाद सारे लोग वहाँ से उठकर आसपास घूमने के लिए चल दिये , पास के बगीचे में पानी छोड़ा हुआ था किसी ने। अचानक नए दोस्त सूरज ने नली उठाकर सबको गीला करना शुरु कर दिया , अकस्मात हुए हमले से बचने के लिए सबने अपने रास्ते खोजने की कोशिश की लेकिन एक लड़की वहीं मुस्कुराती हुई सूरज के इस कृत्य पर थोड़ी ख़ुश थोड़ी नाख़ुश सी ठहर गई। कुछ देर की मस्ती के बाद जब सब ने फोटो सेशन शुरू किया तो उस लड़की ने सबकी हँसते हुए फोटो लेने पर जोर दिया। वह इसी तरह मुस्कान को अपने चेहरे पर रख सारा दिन घूमती रही और सबसे पहले नाश्ते की टेबल पर पहुँचने वाला लड़का अपने प्रोग्राम के पहले दिन को जी लेने में जुट गया। एक लड़का जिसका नाम हम क्या रख सकते हैं , चलो कृष्ण रख लिया जाए और लड़की को कोई न कोई नाम देना ही पड़ेगा नह...

हमारा प्रेम में होना

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रास्तों के पड़ाव ज़िन्दगी के मायने समझाते हैं और मैं हमेशा से ऐसे पड़ावों की तलाश में रहा। तुम आयी मेरी राहों के लिए एक ऐसा ही पड़ाव बनकर जिसने मुझे थाम लिया अपने सारे रंगों और खुशबुओं के साथ। तुम्हारा साथ रहना मुझे एक नएपन के एहसास से भर देता है। जब तुम थामती हो मेरा हाथ तो मैं अपने आप को गंगा में खड़ा हुआ महसूस करता हूँ। मैं नहीं जानता कि हम कब तक इस तरह शहर के कोनों में मिलते रहेंगे लेकिन इतना यक़ीन ज़रूर है कि हमारे मिलने में प्रेम और विश्वास की खुशबू हर वक़्त आती रहेगी। तुम्हारा सवाल करना मुझे तुरंत सारे आसमानों से ज़मीन पर ले आता है, जब तुम खिलकर अपना ख़्वाब पूरा कर लेती हो तो लगता है कि मोक्ष का मज़ा फीका पड़ जाएगा।        तुम्हारे दाहिने चलते रहने पर हवाओं ने मुझे महसूस करवाया कि हम कितने कीमती हैं एक दूसरे के लिए! ज़िन्दगी की उम्र तो नहीं पता लेकिन इसके रहने न रहने पर हम एक दूसरे को जीते रहेंगे इतना ज़रूर जानते हैं। जब तुम हँसती हो तो दिल करता है कि पहाड़ों में बर्फ़ गिरने लगे और मैं तुम्हारे साथ उसको निहारता रहूँ। जब जब तुम अपने गले से मुझको लगा लेती हो मेरे जवाबों...

रिश्ता

किसी भी रिश्ते का अहम हिस्सा है कि आपने कितने ख़ुशी के पल एक दूजे के साथ बांटे हैं, वक़्त कितनी आसानी से हमें अजनबी से इतने गहन धागे में बांध देता है जिसका हमें पता भी नहीं लगत...