अतीत की खिड़की में - १
Source - Shutterstock.com सि तंबर एक ऐसा महीना है जिसमें यह जानने की उत्सुकता बनी रहती है कि अगले पल क्या हो सकता है या फिर यही उत्सुकता कोई चोट खाकर हमेशा के लिए कोने में दुबककर बैठ जाती है। हीर को अपना शहर छोड़े 20 दिन हो गए थे और वह अब तक अपनी नई जगह पर बहुत ही अच्छे से रच बस गई थी , लेकिन हीर ने एक काम को उतनी ही शिद्दत से करना जारी रखा और वह था अपने कामों से इश्क़ और सागर का ख़याल। सागर से पहली बार मिले तीन महीने बीत चुके थे लेकिन अब भी वह मुलाक़ात कल ही घटित हुई किसी ताज़ी घटना सी लगती थी। सितंबर सागर के लिए ढेर सारी सौगातें लेकर आया हुआ था और उसी की आवभगत के चलते सागर को बहुत ही कम समय मिल पा रहा था , अपने दिल की बातों को हीर से हर्फ़ दर हर्फ़ साझा कर देने के लिए। आधा बिता हुआ सितंबर जो ठंडक और उमस देता है उससे फरवरी और अप्रैल के मिले जुले मौसम का माहौल बन जाया करता है , ज़िन्दगी भी ऐसे ही किसी आधे सितंबर में हमें उठाकर कभी फरवरी तो कभी अप्रैल के अनुभव करवाती है। सा...