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मैं वहीं हूँ

मैं वहीं हूँ, जहाँ लेते हो तुम साँस जहाँ उठकर देखी धूप तुमने, हूँ वहीं उस छुअन में मैं। जब जब चले तुम्हारे कदम धरा पर, तब तब पाया है मैंने अपने पैरों में धूल को चिपके हुए; हूँ वह...

पता

मैं भविष्य को नकार दूँगा जब कोई लिखेगा मुझे ख़त, मेरा अतीत हर उस दरवाज़े पर दस्तक देने के लिए आएगा; जहाँ मैनें कभी ठहरकर उसके वर्तमान के वर्तमान में, अपना पता छुपा दिया था।     ...