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मौसम

आज सुबह से बादल हैं आसमां सांवला दिख रहा है क्या यह मौसम है ? नहीं नहीं ये मौसम नहीं यह खिलवाड़ है, खिलवाड़ है मेरे अरमानों के साथ, मेरी आंखों के इंतज़ार के साथ । पलकें झुक रही ...

पथिक

राह चलते उस पथिक को आँखे मेरी जब देखती है, अमीट आस मेरे नयन से उसकी आँखे जब देखती है । नही होती जिसके स्वप्न में कोई विराट अट्टालिका,  है दृश्य उसके स्वप्न का सुख की छोटी चादर ...