केवल तुम सच हो
तुम्हारे दूर होने पर, मैं ढूँढता हूँ तुम्हें अपने लिखे शब्दों में और शब्दों में तुम्हारे होने की हकीक़त को, तुम्हारी हकीक़त में तुम्हारे होने के एहसास को तुम्हारे होने में ...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।