समय
कभी कभी मैं सोचता हूं कि ये दुनिया हमेशा से गोल नहीं थी, इंसान ने अपनी ज़रूरत से इसे गोल किया । वक़्त की जेल में बंद इंसान भविष्य की पूंछ पकड़े, अतीत की बेड़ियों में जकड़े, वर्...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।