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आईना देखो – ख़ुद से एक मुलाक़ात

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इन्कलाब आएगा रफ़्तार से मायूस न हो, बहुत आहिस्ता नहीं है जो बहुत तेज़ नहीं..                                         -अली सरदार जाफ़री                                    कितनी खूबसूरती से जाफ़री साहब ने बदलाव की गति को भी परिभाषित कर दिया अपने इस शेर में, जब सफर शुरु होता है किसी बदलाव का तो आरम्भ बड़ा ही पेचीदा और अनसुलझा हुआ दिखाई पड़ता है लेकिन जरुरत होती है उसके साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त गुजारने की. यह वक़्त मेरी ज़िन्दगी में आया आईना देखो के रूप में, मेरा गाँव मेरी दुनिया के साथ जब इस यात्रा का हिस्सा बना था तब केवल यही मन में था कि सीखने की यह यात्रा ऐसे ही अनवरत चलती रहे और बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा बनकर में कितन...

सीखना

 " अगर मुझे कोई पेड़ काटने के लिए छ: घंटे दिए जाएं तो पहले चार घंटे में, मैं अपना हथियार पैना करूंगा ।"                                              - अब्राहम लिंकन                      कोई भी विचार आपके दिमाग में आने से पहले यह तय नहीं करता कि आप सफल होंगे या नहीं, विचारों की इस प्रक्रिया में हमारा शामिल होना बहुत ज़रूरी होता है । हमारी पहली आवश्यकता यह है कि हम अपने विचारों को सुने और उनके अर्थ को सहज होकर खोजें । अर्थ खोजने की क्रिया में पहला पड़ाव आता है सीखने का, सीखना सतत दोहराव का एक परिणाम है । दोहराव के फलस्वरूप दो चीज़े उत्पन्न होती हैं, पहली होती है आदत और दूसरी सीखना । आदत बना लेने और सीख जाने में अंतर समझना जरूरी है क्योंकि अक्सर इन दो गुणों में संशय पैदा ह...