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जनता एक्सप्रेस

                         “यात्रीगण कृपया ध्यान दें इंदौर से चलकर उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर, आगरा के रास्ते जम्मूतवी को जाने वाली गाड़ी संख्या 12919,मालवा एक्सप्रेस, ग्वालियर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 से चलने को तैयार है धन्यवाद |” “ओये ट्रेन आ गई है, तू कहाँ है अब तक?” “ बस आ रहा हूँ दो मिनट में ” “चल ठीक है” अमन ने फ़ोन रखते हुए कहा और बोगी नंबर 7 को खोजकर बैग थामे गेट पर खड़ा हो गया | सीट का नंबर उसे पता नहीं था इसलिए उसे मधुकेश का इंतज़ार करना पड़ा, मधुकेश ट्रेन छूटने के ठीक बाद पहले बोगी नंबर 8 में चढ़ा और फिर उथल-पुथल मचाते यात्रियों को चीरकर अमन तक पहुँच पाया | “कौनसी सीट है ?” अमन ने पूछा, “ एक मिनट मेसेज देखने दे |” “कोई तो काम रेडी रखा कर यार” “S-7 43 और 44”   मधुकेश का जवाब हल्की आवाज़ में सुनाई पड़ा | कोई भी काम रेडी ना रख पाना इंजीनियरिंग के स्टूडेंट्स की बड़ी कुशल प्रतिभा होती है, खैर दोनों की बहस और खोजबीन का नतीजा ये निकला के दोनों अभागे इंजिनियर गलत ट्रे...

कोटा वृतांत

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४ मई २०१५, वो अपने पापा के साथ डकनिया तलाव रेलवे स्टेशन पर खड़ा था, ये भी नहीं जानता था की जाना कहा है । एक ऑटो वाले से पूछा “यंहा IIT की कोचिंग कहा है ?” ऑटो वाले ने जवाब दिया “कौन सी बिल्डिंग जाना है भैया ?” खैर उसने अपना बैग निकाला और देखा एक पुराने लैटर को जिसमे सबसे उपर CP लिखा हुआ था, लड़के ने कहा “जी CP ले चलो ।” ५मिनट के बाद वो अपने पापा के साथ CP TOWER में था । एडमिशन सेक्शन में जाकर उसने पूछा “ IIT JEE के लिए कहा एडमिशन होंगे ?’’ कुछ वक़्त बाद वंहा के हेल्पर ने उसे पूरी जानकारी दी और कुछ २ घंटे बाद वह भी कोटा का छात्र बन चूका था, उन १ लाख स्टूडेंट की लिस्ट में उसका भी नाम लिख चूका था जो यंहा हर साल सिर्फ कोचिंग करने आते थे । १० मई २०१५ ,          इंदिरा कॉलोनी का C -५१ मकान, फर्स्ट फ्लोर पर एक कमरे में बैठा ये लड़का एक साल बाद खुद को IITIAN बनते देख रहा था । शाम को ५ बजे ओरिएंटेशन सेशन में जाकर डॉ. प्रमोद माहेश्वरी का आत्मविश्वास से ओतप्रोत भाषण सुनकर रात के ९ बजे अपने हाथ मेें 4 किताबे और होठ पर हलकी मुस्कराहट लेकर अपने कमरे पर पहुंचा,...