देश और मौतें
कोई सत्तर बरस पहले गोडसे ने खुद को मार लिया था, तब लोग मिठाइयां बांट रहे थे और कर रहे थे जान बूझकर अनजान होने की कोशिश । फिर शुरु हुआ मौतों का दौर साल दर साल लोग मरते रहे, कभी धर...
जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।