संदेश

वह

मैंने उसे सड़क के किनारे पर लगे जामुन के पेड़ के नीचे देखा, जब उस पर गाड़ी की हैडलाइट का हमला हुआ । वह हड़बड़ाई शायद वह खुद को दिखने नहीं देना चाहती होगी, लेकिन अगर ऐसा ही था तो व...

एक एहसास

बरसात के पहले और बाद धूप का होना एक सा नहीं होता, तेरा आना तेरी याद के बाद और फिर से लौट जाना, लेकिन एक सा ही लगता है । उड़ते रहना किसी पक्षी का खुले आसमान में बादलों के बीच, आज़ा...

एक बात

जब लगा डर मुझको कुछ रिश्तों के खो जाने का, तो मैंने उनको सिर की पोटली से उतारकर, अपनी कमर में खोंस लिया । कुछ मुलाकातें जो जा रही थी अपने पीछे एक ख़ाली जगह छोड़े, मैं आगे बढ़ा और...

रिश्ता

किसी भी रिश्ते का अहम हिस्सा है कि आपने कितने ख़ुशी के पल एक दूजे के साथ बांटे हैं, वक़्त कितनी आसानी से हमें अजनबी से इतने गहन धागे में बांध देता है जिसका हमें पता भी नहीं लगत...

सावन

बारिश अपने शबाब पर है बादलों ने कपड़े उतार फेंके हैं, नदियों ने अपनी हदें पार कर किनारे पर बसे कुछ गांवों की, इज्ज़त पर हाथ मारना शुरू कर दिया है । मैं बेबस हूं उस गांव सा जिसक...

मुस्कुराहट और तुम

मुस्कुराहटों का मोल नहीं लगाया जा सकता, जब तक यह हमारे होंठो पर रहती है मन तृप्त रहता है । मुस्कान ज़िंदगी में बेवजह ही रहे तो अच्छा है जैसे कि तुम्हारे होंठो पर होती है मानो ...

हरिद्वार यात्रा

कविता -१ दुनिया से अनभिज्ञ होना मानव काल का सबसे बड़ा झूठ है, तुम मेरे लिए कभी भी अजनबी तो थी ही नहीं, मैंने जाना नदी में खड़े होकर समन्दर की आत्मीयता को, जैसे तुम जान लेती हो हो...