संदेश

दुनिया

छाते को निकाला आज तो पाया कि उसमें जंग लग गई है, घर में रखे बरसाती कपड़े दीमक के खाने के काम आते हैं अब, बारिश और पेड़ रेगिस्तान में पानी की ख्वाहिश से लगते हैं । रहने वालों से ज...

कार और चार सवारी

धान से घिरी हुई एक संकरी सी सड़क पर एक कार धीमे धीमे रेंग रही थी, शायद चालक रेंगना चाहता था या फिर उसके साथी इसलिए सब कार में बैठकर रेंग रहे थे, रेंगना धीमे चलने का पर्याय नहीं ह...

वह

मैंने उसे सड़क के किनारे पर लगे जामुन के पेड़ के नीचे देखा, जब उस पर गाड़ी की हैडलाइट का हमला हुआ । वह हड़बड़ाई शायद वह खुद को दिखने नहीं देना चाहती होगी, लेकिन अगर ऐसा ही था तो व...

एक एहसास

बरसात के पहले और बाद धूप का होना एक सा नहीं होता, तेरा आना तेरी याद के बाद और फिर से लौट जाना, लेकिन एक सा ही लगता है । उड़ते रहना किसी पक्षी का खुले आसमान में बादलों के बीच, आज़ा...

एक बात

जब लगा डर मुझको कुछ रिश्तों के खो जाने का, तो मैंने उनको सिर की पोटली से उतारकर, अपनी कमर में खोंस लिया । कुछ मुलाकातें जो जा रही थी अपने पीछे एक ख़ाली जगह छोड़े, मैं आगे बढ़ा और...

रिश्ता

किसी भी रिश्ते का अहम हिस्सा है कि आपने कितने ख़ुशी के पल एक दूजे के साथ बांटे हैं, वक़्त कितनी आसानी से हमें अजनबी से इतने गहन धागे में बांध देता है जिसका हमें पता भी नहीं लगत...

सावन

बारिश अपने शबाब पर है बादलों ने कपड़े उतार फेंके हैं, नदियों ने अपनी हदें पार कर किनारे पर बसे कुछ गांवों की, इज्ज़त पर हाथ मारना शुरू कर दिया है । मैं बेबस हूं उस गांव सा जिसक...