जिंदगी की राहों से गुज़रते हुए अपने कुछ अनुभव साथ लिए चल रहा हूँ, यहाँ मेरे अन्तर्मन से उपजे प्रेम, समाज, जिंदगी, देश आदि के बारे में विचारों को आप पाएंगे ।
ईश्वर - एक परम सत्य
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एक रचना इस सृष्टि के निर्माता को लेकर, जिससे आज की दुनिया मे हर शख्स बहुत दुर जा चुका है ।
इस कविता से आपको हकीकत से अवगत कराने का प्रयास किया गया है ।
Source - Financial Express हमारा देश इस वक़्त विकास के ऐसे दौर से गुज़र रहा है जिसमें हमें शहरों के साथ साथ गाँवो का विकास करने की भी बहुत ज्यादा आवश्यकता है । कुछ महात्वाकांक्षी लोगों की सोच काफी सही है कि अगर गाँव का विकास देश के विकास से जुड़ा है तो हमें गाँव का विकास राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की सपनों के तले करना चाहिए । वे कहते थे कि " मैं चाहता हूँ कि भारत के सारे गाँव खुद के प्रयासों से इतने आत्मनिर्भर हो जाएं कि उन्हें अपनी किसी भी ज़रुरत के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़े।" उक्त कथन से स्पष्ट है कि गाँधी जी गांवो को सम्पूर्ण विकास के बावजूद भी गाँव ही रहने देना चाहते थे। गाँव हमारे देश का प्रतिबिम्ब हैं जो प्रकृति के दर्पण में अपनी खूबसूरती लिए झलकता है या यूँ कहे कि इस देश का आँगन है गाँव। आँगन की परिभाषा है घर के सामने क...
हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां हर कोई अपने जीवन में किसी न किसी चीज का पीछा कर रहा है। एक स्थान से दुसरे की ओर बढ़ने की इस यात्रा में हम अपनी भावनाओं , जरूरतों , लालच , आकांक्षाओं और अन्य कई चीजों के साथ काम करते हैं , जिसके परिणाम में हम आनंद , खुशी , तनाव , दुःख , दबाव , क्रोध , शांति , दोष , कृतज्ञता जैसी कई सारी भावनाओं को महसूस करते हैं। मैं कुछ साल पहले स्वामी विवेकानंद को पढ़ रहा था , उन्होंने अपने एक भाषण में कहीं उल्लेख किया था कि दोषारोपण का खेल खेलने के बजाय हम एक बार ठहर कर यह देख सकते हैं कि हमारे भीतर से निकलने वाली हर चीज का स्रोत क्या है! यह विचार मुझे बहुत ताकत देता रहा जब मैं अपनी सीमाओं को पार कर रहा था और लोगों की कहानियों के साथ अपने व्यक्तिगत विकास के लिए एक रास्ता खोज रहा था। दो साल पहले एक आवासीय कार्यक्रम के दौरान , मुझे आभार व्यक्त करने की ताकत का एहसास हुआ कि यह उस दुनिया में जादू कैसे पैदा कर सकता है जिससे हम जीना चाह रहे हैं! ...
ख़तों में उपजी अभिव्यक्ति और भावों का सम्मिश्रण जीवन के पड़ावों में ख़ूबसूरती बिखेरता है! हम कितनी समस्याओं या चुनौतियों से जूझ रहे हैं यह हमारे प्रेम करने और जीने के तरीकों से इतर हमें कदम-कदम पर एहसासों की डोर थामे रहने की ताक़त देता है. लेखन से मुझे ख़ुद को व्यक्त करने में सक्षम होने की खुशी और संतुष्टि मिलती है। वह वक़्त सबसे ख़ूबसूरत होता है जब मैं अपने रिश्तों में उनके लिए नियत प्रेम और पलों को बाँट पाता हूँ और जो रिश्ते हवाओं के साथ धुँधला रहे हैं उनकी खुशबुओं को फिर महसूसने के अनुभव को आत्मसात कर पाता हूँ. दुनिया में प्रेम और करुणा के साथ जी सकने वाले अनगिनत कारण हैं जिनके ज़रिये आसपास पनपते दूषित माहौल का सामना करना ज़रा सहज और साहस भरा हो जाया करता है. मैं नहीं जानता कि कोई किस तरह मेरे किसी काम को देखता है लेकिन मेरे लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि मैं ख़ुद के द्वारा किये गये काम, लिए गये फैसलों और जिए गये पलों को कैसे देखता हूँ! समय ने मुझे विभिन्न रिश्तों और घटनाओं के माध्यम से प्यार और सहयोग को भारी मात्रा में मुझ तक पहुँचाया है। इस साल की शुरुआत में ख़ुद के लिए वक़्त नि...
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